8/17/2011

" NIKHAAR Internationl "Mag Islam Abad r "Mianwali Express" (PAKISTAN)"

My book review for "Dard ka dariya" and my poetry published in three famous magzine and news paper in Pakistan:-

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My book review for "Dard ka dariya" and my poetry published in:-
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7 comments:

Udan Tashtari said...

مبارکباد!! سرحد جی...

Satish Saxena said...

बहुत अच्छा लगा सीमा जी ! आप योग्य हैं इज्ज़त मिलनी ही चाहिए !
बधाई और शुभकामनायें

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

bahut bahut mubaarak!

!!अक्षय-मन!! said...

शुभकामनायें

दिगम्बर नासवा said...

Badhaai ... pustak ko uchit sammaan mila ... jaan kar bahut achhaa laga ...

Anonymous said...

बेमिसाल रचनायें किसी पंछी की तरह होती हैं...सरहदों की औक़ात नहीं की उन्हें उड़ने से रोक पायें...आपका ये ख़ूबसूरत फलसफा शायद मिसाल है इसी बात का....शुभकामनायें.....

Hadi Javed said...

वाह ......क्या कमाल किया है आपने .....आपकी लेखनी ने सरहदों को तोड़कर एक नया पैगाम दिया है ......बहुत मुबारकबाद