
"याद तो फिर भी आओगे "
बस चित्र धूमिल कर जाओगे
याद तो फिर भी आओगे
हंसना रोना कोई गीत पुराना
सुर सरगम का साज बजाना
शब्द ताल ले जाओगे
याद तो फिर भी आओगे
सुनी राहे, दिल थाम के चलना
साथ बिताये पलो का छलना
सब खाली कर जाओगे
याद तो फिर भी आओगे
कांधे पर सर और स्पर्श का घेरा
रात के मुख पर चाँद का सेहरा
तुम विराना कर जाओगे
याद तो फिर भी आओगे
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दर्द हूँ मैं "
