
जीवन मे अब क्या मै मांगु,
बिन मांगे सब कुछ पाया है,
एकांत रहे जब कुछ दिन मेरे,
इर्द गिर्द देखा अपनों का साया है...
आभारी हूँ मै हर उस दिल की,
कठिन समय में जिसने साथ नीभाया है
स्नेह आशीष और दुआओ का ...
वीशाल भंडार मुझ पर बरसाया है...
कोई जान नहीं पहचान नहीं,
सबसे मिलने के आसार नहीं..
मंगल कामनाओ मे मगर...
सबने एक जुट होकर शीश नवाया है ...
एकांत रहे जब कुछ दिन मेरे,
इर्द गिर्द देखा अपनों का साया है...
(With Regards)
46 comments:
हमारे साये से आप कभी पीछा नहीं छुटा पाएँगी....
अँधेरे में भी...
इश्वर आपको स्वस्थ रखे
मीत
आप अब स्वस्थ हैं यह जान कर मन बहुत प्रसन्न है. अपना ध्यान रखें. सक्रियता धीरे-धीरे बन ही जायेगी. शुभकामनाएं...
सुन्दर शब्दों के साथ-साथ आप एक बहुत अच्छा दिल भी रखती हैं.........
इसलिए जल्दी से ठीक हो जाइये यही कामना करते हैं हम सब...............
अपना ख्याल रखियेगा./.....
अक्षय-मन
सीमा जी...........
आज फिर आपको ब्लॉग पर देख कर बहुत ख़ुशी हो रही है...............दरअसल जो अच्छे लोग होते हैं वो ज्यादा देर तक अपनों से दूर नहीं रह पाते........ एक अनकहा, अनदेखा रिश्ता बन जाता है सब के बीच और जाने अनजाने एक बड़ा सा परिवार खडा हो जाता है ......................... आपने आज भी खूबसूरत लफ्जों में इस बात को लिखा है........... आपकी रचनाओं का इंतज़ार रहेगा...........
अच्छा लगा आपको फिर से सक्रिय देख कर!!
शुभकामनाऐं..
जीवन मे अब क्या मै मांगु,
बिन मांगे सब कुछ पाया है,
एकांत रहे जब कुछ दिन मेरे,
इर्द गिर्द देखा अपनों का साया है
काफी दिनों के बाद आपकी पोस्ट पढ़कर बहुत अच्छा लगा. आप स्वस्थ्य रहे यही मनोकामना है .
शुभकामनाओ के साथ
जीवन मे अब क्या मै मांगु,
बिन मांगे सब कुछ पाया है,
एकांत रहे जब कुछ दिन मेरे,
इर्द गिर्द देखा अपनों का साया है
काफी दिनों के बाद आपकी पोस्ट पढ़कर बहुत अच्छा लगा. आप स्वस्थ्य रहे यही मनोकामना है .
शुभकामनाओ के साथ
आपके लौटने पर हार्दिक स्वागत है इस ब्लाग परिवार में. आपके लौट आने की सभी को बडी प्रशन्नत्ता है. ईश्वर आपको स्वस्थ रखे. और फ़िर से आपकी कविता/शायरी पहले जैसी मुखरित रहे.
रामराम.
sabki duyaaien kaamyaab huyee ab...sab khush hai aapko blogging ki duniya me vaapas dekhkar...shaandaar vaapsi bhi to ki hai aapne :)
ब्लॉग जगत में आपका फिर से स्वागत है.. ईश्वर आपको जल्द से जल्द स्वस्थ करें और हमें आपकी रचनाएं पढ़ने को मिले.. शुभकामनाएं
bahut khubsoorat.....bahut sundar
स्वागत है ! बहुत दिनों बाद आपकी पोस्ट पढ़कर प्रसन्नता हुई !
आप स्वस्थ रहे यही दुआ है ..बहुत सुन्दर लिखा है आपने अच्छा लगा इतने दिनों बाद आपको यहाँ देख कर
आप स्वस्थ रहे यही कामना है हमारी। हमेशा की तरह अच्छा लिखा।
अच्छा लगा आपको फिर से सक्रिय देखकर। हार्दिक शुभकामनाएं।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }
आपके लौटने पर हार्दिक स्वागत है इस ब्लाग परिवार में
बहुत सुन्दर। वैल्कम बैक! स्वास्थ्य के लिये शुभकामनायें।
शुभागमन ,सुस्वागतम !
आपके सदैव स्वस्थ रहें, इस मंगल कामना के साथ आपका पुनश्च स्वागत है!
seema जी आप swashthya है और kushal है यही हमारे लिए सब कुछ है ...आपकी अनुपष्ठ्ती ब्लॉग परिवार में दुखद रही .... आप हमेशा स्वाश्थ्य रहे और खूब लिखे यही इश्वर से कामना करता हूँ...
अर्श
आप स्वस्थ हैं ,यह जानकर बहुत खुशी हुई .आपकी सक्रियता ब्लॉग जगत को भी सक्रिय बनाती है .बहुत मौलिक रचना लिखा है आपनें ,बधाई .
बहुत ही सुखद अनुभूति है आपका स्वस्थ होकर वापस आना. आप सुखी एवम् दीर्घायु होँ. रचना तो बेहद सुंदर बन पड़ी है. आभार. .
स्वास्थ्य बेहतर हुआ जानकर खुशी हुई।
शुभकामनाओं सहित,
घुघूती बासूती
आप स्वस्थ , प्रसन्न और सक्रिय बनी रहें यही कमना है !
पूरे हिन्दी जगत की स्वास्थ्य के लिये शुभकामना से आप स्वस्थ्य हैँ देख बहुत खुशी हो रही है सीमा जी
स स्नेह,
- लावण्या
अरे वाह आप को देख कर बहुत खुशी हुयी, मैने आप का फ़ोन, मेल, पत्ता हर जगह ढूंढा कि आप से बात तो हो सके, लेकिन कही भी कुछ अता पता नही मिला, चलिये आप अब स्वस्थ्य हो कर आ गई यही काफ़ी है, अब थोडी कमजोरी दुर कर ले, तब तक हम टिपण्णियां इकट्टी कर लेते है आप के नाम की, हमारी सब की तरफ़ से बहुत सारी शुभकामनये, ओर जल्द से जल्द फ़िर से चुस्त हो जाये.
बहुत अच्छा लिखा है आपने । भाव और विचार का तालमेल शब्द संसार को प्रभावशाली बना रहा है ।
-
http://www.ashokvichar.blogspot.com
no news is good news. main to is karan chup raha. aap har pal muskurati rahe or savsth rahen yahi man kee bhavna or kamna hai.narayan narayan
bahut sunder rachana hai. badhai. aap yugon-yugon tak likhti rahe yahi kamna hai.
आप का स्वागत है...अब अपना अधिक ख्याल रखियेगा...
नीरज
"वेलकम बैक"
बेहद खुश हूँ आपको सक्रिय देखकर !
अपनों का साया हमेशा बना राहे,
आप सदैव स्वस्थ रहें .. यही कामना है !
आप स्वस्थ होकर ब्लॉगजगत में पुन: पधारे हो,शुभकामनाये स्वीकार करे.आप के प्रशंशको ने आपके लिए भगवान से दिल से प्रार्थना की और दिल की दुआ कभी खाली नहीं जाती.भविष्य में आप स्वस्थ रहे और हिन्दी भाषा और साहित्य की निरंतर सेवा करते रहे .
आपकी कवितारूपी पावती पढ़ कर लगा की दुखों ने आप के चेतन को और भी पैना और सार्थक कर दिया.तो अब शुरू हो जाओ और इतने दिन तक जो कमी हम सब को खली वह पूरी कर दो .हर रोज़ एक कविता .. ना ना ना...अभी नहीं पहले अपनी दवाई लो ,थोडा आराम करो और बाद में लिख लेना .... हा हा हा हा
Seema ji,
Aap ko wapas dekh kar bahut achcha lagaa...aap ki sehat ab kaisee hai?
aap ko sabhi ne bahut miss kiya ..
kavita mein aap ke bhaav --hamen bhi bhaav vibhor kar rahey hain..
apna khyal rakheeye
Vaah Vaah semaajee. aap kaa laut aanaa sukhad hai ati sukhad. Hum bhee aaj hee Mangalore se Poonaa pahunche do din gaadee chalaa kar. Jald Jabalpur pahunch jaavenge aur aap ko vahaan se vidhivat padhte chaalenge. Seemaajee aapke bina Blogjagat main kuchh kamee to mahsoos hoti thee. n jaane kyoon ? Bahut bahut saadar naman aapko. Maalik khairiyat bakshe !
सीमा जी
मैने आपसे पहले भी यह निवेदन किया है कि अपनी रचनात्मक प्रतिभा को अब उस ओर मोडिये जहा वह सिर्फ आपकी व्यथा का रेखान्कन ना होकर सामाजिक समस्याओ का प्रतिबिम्ब हो. मै जल्द ही आपकी ऐसी कविता देखना चाहून्गा.
और हा आप कब बीमार थी बताया ही नही.
ईश्वर करे आप सदा स्वस्थ रहे.
tadapane ki darkwast likhne ke baad apno ke saaye me likh daali jo panktiyaan aapne kah daali apni beemaari ki baat bhi
achchhaa lagaa fir se blog par mukhrit hona
सीमा जी,हमें तो बहुत दिनों से और बहुत से कारणों से यह पता है कि आप कितने मजबूत हो....खासकर मन से....आज तसल्ली हुई कि आप अब ठीक हो....फ़ोन क्यूँ नहीं किया मैंने,इस पर बाद में बता पाऊंगा....अभी तो बस इतना ही आप हमेशा स्वस्थ और सानंद रहो....आयुषी को हमारा प्यार.....अपने हर जगह,हर पल हमारे पास ही कहीं होते हैं....और हमारे लिए सदैव प्रार्थनारत....बेशक यह सब दिखाई नहीं दे पाता....जहां प्यार है...वहीँ दुनिया है.....जो प्यार से परिपूर्ण है वहीं स्वर्ग....अपने और प्यारे लोग जहां हैं....वहीँ हर सांस जन्नत....और यह जन्नत आपको अभी नसीब हो....और बाकी के सारे जीवन में बनी रहे....इन्हीं शुभकामनाओं के साथ.....आपका भूतनाथ.....जो अब नेट पर कभी-कभार आता है....!!
अब कैसी हैं आप. अनुपस्थिति खल रही है.
Hello, you were ill ...i never knew :( ..... Get well soon....very nice lines.....
saya hamesha rahega.....
आप अब स्वस्थ हैं यह जान कर मन बहुत प्रसन्न है.
अपने स्वास्थ्य पर अपना विशेष ध्यान रखें.
सक्रियता धीरे-धीरे बन ही जायेगी.
ईश्वर से विशेष अनुरोध कि आप पर विशेष अनुकम्पा रखे और ब्लॉग जगत की आप जैसी अमूल्य धरोहर की सक्रियता को निरंतर सक्रिय बनाये रखे.
चन्द्र मोहन गुप्त
आपकी ताजी पोस्ट पढ़ने यहाँ आया तो किसी तकनीकी ख़ामी की वजह से वह मिली ही नहीं। माजरा क्या है?
आपका यहाँ वापस आना वाकई सुखद है। स्वास्थ्यलाभ की हार्दिक शुभकामनाएं।
बहुत सुन्दर रचना हर बार की तरह बधाई
Ishvar aapako sadaiv swasthy rakhen
Seemaji
aapko padne ke baad apne aap se judna aasaan laga.bahut hi acha laga.
Devi nangrani
All the best forever!! :)
welcome back seema ji, bahut dino baad apko wapas yaha dekh kar bahut aacha lag raha hai, aap humesa kuhs rahe koi dukh taklif aap par na aaye yahi dua karta hu. aapke jiwan me sada kuhsiya hi kuhsiya ho yahi mangal kamna karat hu. inhi subhkamno k sath milte rehne ki kamna karta hu.
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