8/01/2017
7/12/2017
वस्ल के परिंदे
Nazm
WASL KE PARINDEY
-------------------------- ----
Uski shiri'N baato'N ki
TehniyoN par
Wasl ke parindey chehkeNgey
Or.......
Bepanah ishq ke naghmey
Is fiza meiN guNjeNge
Hijr ki siyah ratoN meiN
Jugnu se raks karte ashq
Dhalak aayeNge labo'N ke
Tapte regzaroN tak
Zamzame mohabbat ke
Apni palko'N ko muNde
Aisi neeNd soyeNge
Jo khwaab se parey hogi
Jo khwaab se parey hogi
--------
उसकी शीरीं बातों की
टहनियों पर
वस्ल के परिंदे चहकेंगे
और .....
बेपनाह इश्क के नग़मे
इस फ़िज़ा मे गूंजेंगे...
हिज्र की सियाह रातों में
जुगनू से रक़्स करते अश्क
ढलक आएँगे लबों के
तपते रेगज़ारों तक...
ज़मज़मे मोहब्बत के
अपनी पलकों को मूंदे
ऐसी नींद सोएंगे
जो ख्वाब से परे होगी...
जो ख्वाब से परे होगी....
(seema gupta)
WASL KE PARINDEY
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Uski shiri'N baato'N ki
TehniyoN par
Wasl ke parindey chehkeNgey
Or.......
Bepanah ishq ke naghmey
Is fiza meiN guNjeNge
Hijr ki siyah ratoN meiN
Jugnu se raks karte ashq
Dhalak aayeNge labo'N ke
Tapte regzaroN tak
Zamzame mohabbat ke
Apni palko'N ko muNde
Aisi neeNd soyeNge
Jo khwaab se parey hogi
Jo khwaab se parey hogi
--------
उसकी शीरीं बातों की
टहनियों पर
वस्ल के परिंदे चहकेंगे
और .....
बेपनाह इश्क के नग़मे
इस फ़िज़ा मे गूंजेंगे...
हिज्र की सियाह रातों में
जुगनू से रक़्स करते अश्क
ढलक आएँगे लबों के
तपते रेगज़ारों तक...
ज़मज़मे मोहब्बत के
अपनी पलकों को मूंदे
ऐसी नींद सोएंगे
जो ख्वाब से परे होगी...
जो ख्वाब से परे होगी....
(seema gupta)
6/21/2017
कोई दरमान नहीं मिलता
Koi DarmaN Nahi Milta"
-------------------------- -------------
Suno jaana
Bahut kuch tum say kehna Hai...
Nahi ab chup sa rehna Hai.....
Ajab jazbat hain dil men
Naye naghmat hain dil men
Ajab si ek tamanna jo
Hamare dil me palti hai.
Machalti hai chalakti hai
Homak kar banheen phailati
Wo jaise..
Koi nadaan bachchi ho
Kabhi aansu chalakte haIn
Kabhi ek khowf taari hai
Kisi ko Kia batayein ham
hamara dil nahi lagta.
Hamaray man k sagar men
nai mowjeen obharti hain.
Naiy toofan atay hain.
Hamaray dil k aaNgan men
Yahi mehman atay hain
Hua hai Kia ajab ham ko
Hai dil me zakhm bhi aisa
Koi marham nahi jiska
Asar ki be- yaqeeni say
Dua bhi kaNp jati hai
Koi darmaN nahi milta
Koi chara nahi milta
(Seema)
कोई दरमान नहीं मिलता
-------------------------- -----
सुनो जाना
बहुत कुछ तुमसे कहना है
नहीं अब चुप सा रहना है
अज़ब जज़्बात हैं दिल में
नये नगमात हैं दिल में
अज़ब सी एक तमनना जो
हमारे दिल में पलती है
मचलती है छलकती है
हुमक कर बाहें फैलाती
वो जैसे....
कोई नादान बच्ची हो
कभी आँसु छलकते हैं
कभी एक खोफ़ तारी है
किसी को क्या बताएँ हम
हमारा दिल नहीं लगता
हमारे मन के सागर में
नई मोंजें उभरती हैं
नए तुफ़ान आते हैं
हमारे दिल के आँगन में
यही मेहमान आते हैं
हुआ है क्या अजब हम को
है दिल में ज़ख्म भी ऐसा
कोई मरहम नहीं जिसका
असर की बे यकीनी से
दुआ भी कांप जाती है
कोई दरमान नहीं मिलता
कोई चारा नहीं मिलता
--------------------------
Suno jaana
Bahut kuch tum say kehna Hai...
Nahi ab chup sa rehna Hai.....
Ajab jazbat hain dil men
Naye naghmat hain dil men
Ajab si ek tamanna jo
Hamare dil me palti hai.
Machalti hai chalakti hai
Homak kar banheen phailati
Wo jaise..
Koi nadaan bachchi ho
Kabhi aansu chalakte haIn
Kabhi ek khowf taari hai
Kisi ko Kia batayein ham
hamara dil nahi lagta.
Hamaray man k sagar men
nai mowjeen obharti hain.
Naiy toofan atay hain.
Hamaray dil k aaNgan men
Yahi mehman atay hain
Hua hai Kia ajab ham ko
Hai dil me zakhm bhi aisa
Koi marham nahi jiska
Asar ki be- yaqeeni say
Dua bhi kaNp jati hai
Koi darmaN nahi milta
Koi chara nahi milta
(Seema)
कोई दरमान नहीं मिलता
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सुनो जाना
बहुत कुछ तुमसे कहना है
नहीं अब चुप सा रहना है
अज़ब जज़्बात हैं दिल में
नये नगमात हैं दिल में
अज़ब सी एक तमनना जो
हमारे दिल में पलती है
मचलती है छलकती है
हुमक कर बाहें फैलाती
वो जैसे....
कोई नादान बच्ची हो
कभी आँसु छलकते हैं
कभी एक खोफ़ तारी है
किसी को क्या बताएँ हम
हमारा दिल नहीं लगता
हमारे मन के सागर में
नई मोंजें उभरती हैं
नए तुफ़ान आते हैं
हमारे दिल के आँगन में
यही मेहमान आते हैं
हुआ है क्या अजब हम को
है दिल में ज़ख्म भी ऐसा
कोई मरहम नहीं जिसका
असर की बे यकीनी से
दुआ भी कांप जाती है
कोई दरमान नहीं मिलता
कोई चारा नहीं मिलता
6/06/2017
5/31/2017
"इश्क़-मंतर"
"ISHQ MANTAR"
------------------------
Jism ki deewaroN se
Mit'ti khroNch kar
Rooh dariya ke kinaron par
Khanakte saazoN ki raftaar par
Ujle chaaNd ke libaas par
Sehra ki bilakhti pyaas par
Siyah raat ki azaab sanson ki
Parwaaz par
Likha hai ishq mantar
Isi tilism ko padh kar
RasmoN ki deewaroN ko yaksar dhaa kar
Sochti huN kuchh likhuN
Or
Ishq ki bunyaad se phuti
HarsuN phaili mit'ti ki soNdhi khushbu
Mere shabdoN ko lobaan bana de....
-------------------------- -------------------------- -
"इश्क़-मंतर"
जिस्म की दीवारों से
मिट्टी खरोंच कर
रूह-दरिया के किनारों पर
खनकते साज़ों की रफ़्तार पर
उजले चाँद के लिबgास पर
सहरा की बिलखती प्यास पर
सियाह रात की अज़ाब साँसों की
परवाज पर
लिखा है इश्क़-मंतर..
इसी. तिलिस्म को पढ़ कर...
रस्मों की दीवारों को यक्सर ढा कर
सोचती हूँ ..कुछ लिखूँ
और
इश्क की बुन्याद से फूटी
हर सूं फैली मिट्टी की सोंधी खुश्बू....
मेरे शब्दों को लोबान बना दे..
(Seema)
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Jism ki deewaroN se
Mit'ti khroNch kar
Rooh dariya ke kinaron par
Khanakte saazoN ki raftaar par
Ujle chaaNd ke libaas par
Sehra ki bilakhti pyaas par
Siyah raat ki azaab sanson ki
Parwaaz par
Likha hai ishq mantar
Isi tilism ko padh kar
RasmoN ki deewaroN ko yaksar dhaa kar
Sochti huN kuchh likhuN
Or
Ishq ki bunyaad se phuti
HarsuN phaili mit'ti ki soNdhi khushbu
Mere shabdoN ko lobaan bana de....
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"इश्क़-मंतर"
जिस्म की दीवारों से
मिट्टी खरोंच कर
रूह-दरिया के किनारों पर
खनकते साज़ों की रफ़्तार पर
उजले चाँद के लिबgास पर
सहरा की बिलखती प्यास पर
सियाह रात की अज़ाब साँसों की
परवाज पर
लिखा है इश्क़-मंतर..
इसी. तिलिस्म को पढ़ कर...
रस्मों की दीवारों को यक्सर ढा कर
सोचती हूँ ..कुछ लिखूँ
और
इश्क की बुन्याद से फूटी
हर सूं फैली मिट्टी की सोंधी खुश्बू....
मेरे शब्दों को लोबान बना दे..
(Seema)
3/05/2017
Dil or dharkta kiyon hai ...Seema Gupta ...Vineet Pandit
Lyrics and Graphics: Seema Gupta
Music Composition and Singing : Vineet Pandit
Ghazal:
usko dekhoon toh ye dil or dharkta kiyon hai
aks iska meri aankhon meiN bikharta kiyoN hai...
vo na izhaar kare baat alag hai lekin
Dekh kar mujhko bhala or sanwarta kiyon hai
raat bhar chand ne choomi hai teri peshaani
usko afsos hai sooraj ye nikalta kiyoN hai
guftugu mein jo tera zikr kabhi aa jaaye
dard toofaN ki tarah dil meiN machalta kiyoN hai
sochti rehti hooN fursat mei yehi maiN"Seema"
kaam jo hona hai aakhir wohi tal-taa kiyoN hai
7/12/2016
Ghazal- मेरे चेहरे पे जो कहानी है
Lyrics/ Graphics: Seema Gupta
Singer / Composer - Naushad Malik
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मेरे चेहरे पे जो कहानी है
मेरे दिल की ही तर्जुमानी है
नींद आँखों में जागती ही रही
गरचे रातों की ख़ाक छानी है
उसकी सूरत ग़ज़ल में ढाली है
उस में तस्वीर अब बनानी है
दो घडी के लिए ही आ जाओ
छोडिये जो भी बदगुमानी है
जोड़ना दिल से दिल नहीं मुश्किल
एक दीवार बस गिरानी है
इस में खुशियाँ बिखेर दे सीमा
चार दिन के ये जिंदगानी है
Singer / Composer - Naushad Malik
-----------------------------------------------------
मेरे चेहरे पे जो कहानी है
मेरे दिल की ही तर्जुमानी है
नींद आँखों में जागती ही रही
गरचे रातों की ख़ाक छानी है
उसकी सूरत ग़ज़ल में ढाली है
उस में तस्वीर अब बनानी है
दो घडी के लिए ही आ जाओ
छोडिये जो भी बदगुमानी है
जोड़ना दिल से दिल नहीं मुश्किल
एक दीवार बस गिरानी है
इस में खुशियाँ बिखेर दे सीमा
चार दिन के ये जिंदगानी है
10/11/2015
12/03/2014
" आगमन तेजस्विनी सम्मान -2014 "
"कनाडा से प्रकाशित होने वाली साहित्यिक पत्रिका " साहित्य कुंज " के दिसम्बर प्रथम अंक में प्रकाशित" : Online link :
http://www.sahityakunj.net/SAMACHAR/India/Seema_Gupta_aagamantejasvinisamman_2014.htmदिनांक 23/11/2014 को आगमन के संस्थापक पवन जैन और आगमन साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समूह द्वारा आयोजित पुस्तक लोकार्पण , वार्षिक सम्मान समारोह-2014 , कविसम्मेलन एवं मुशायरा का भव्य आयोजन कैलाश अस्पताल,नोयडा-27 में हुआ. इस अवसर पर " आगमन सम्मान चयन समिति " द्वारा महिला उधमी , सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता ,अंतर्राष्टीय स्तर पर प्रकाशित लेखिका , कवयित्री एवं शायरा सुश्री सीमा गुप्ता ((गुडगाँव हरयाणा)) को " आगमन तेजस्विनी सम्मान -2014 " से सम्मानित किया गया .
सुश्री सीमा गुप्ता को " आगमन तेजस्विनी सम्मान" डॉ केशरी लाल वर्मा (चेयरमैन तकनिकी एवं वैज्ञानिक शब्दावली आयोग एवं निदेशक केन्द्रीय हिंदी निदेशालय भारत सरकार नई दिल्ली) , एवं डॉ मधुप मोहटा (भारीतय विदेश सेवा वरिष्ट सलाहकार ) दवारा प्रदान किया गया
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथिगण श्री लक्ष्मी शंकर वाजपेयी (उपमहानिदेशक आकाशवाणी नई दिल्ली ) डॉ हरी सुमन बिष्ट (सचिव हिंदी अकादमी दिल्ली) , डॉ रमा सिंह (सदस्य केंद्रीय हिंदी समिति भारत सरकार नई दिल्ली ) , श्री अलोक यादव ( क्षत्रिय भविष्य निधि आयुक्त बरेली ) और देश के अनेक वरिष्ट साहित्यकारों ने कार्यकर्म की शोभा बढ़ाई।
4/30/2014
4/23/2014
"दुष्यंत की अंगूठी "
"दुष्यंत की अंगूठी "
मेरी ठिठकी हुई पलकों में
सदियों से उलझा एक लम्हा
जिसे अपनी आँखों से छु कर
तुने मेरे नाम कर दिया था
और तेरे अश्क के एक कतरे ने
तुझसे छुप कर
मेरी आँखों में पनाह ली थी
इश्क की अधूरी चांदनी का
हिसाब मांगने ज़िद पे उतर आया है
सिसकने लगा है मेरी हथेली पे
वो बदनसीब कतरा भी
दुष्यंत की अंगूठी की तरह
10/22/2013
चाँद मुझे लौटा दो ना
चाँद मुझे लौटा दो ना
चंदा से झरती
झिलमिल रश्मियों के बीच
एक अधूरी मखमली सी
ख्वाइश का सुनहरा बदन
होले से सुलगा दो ना
इन पलकों में जो ठिठकी है
उस सुबह को अपनी आहट से
एक बार जरा अलसा दो ना
बेचैन उमंगो का दरिया
पल पल अंगडाई लेता है
आकर फिर सहला दो ना
छु कर के अपनी सांसो से
मेरे हिस्से का चाँद कभी
मुझको भी लौटा दो ना
चंदा से झरती
झिलमिल रश्मियों के बीच
एक अधूरी मखमली सी
ख्वाइश का सुनहरा बदन
होले से सुलगा दो ना
इन पलकों में जो ठिठकी है
उस सुबह को अपनी आहट से
एक बार जरा अलसा दो ना
बेचैन उमंगो का दरिया
पल पल अंगडाई लेता है
आकर फिर सहला दो ना
छु कर के अपनी सांसो से
मेरे हिस्से का चाँद कभी
मुझको भी लौटा दो ना
4/23/2013
"FAKHR-E-HIND" AWARD (PROUD OF NATION) To Seema Gupta By President Of India-Smt. Pratibha Devisingh Patil
Husan Ara Trust Presents"FAKHR-E-HIND" AWARD (PROUD OF NATION) To Seema Gupta By President Of India-Smt. Pratibha Devisingh Patil-in following event held on 22nd April 2013
"Jashn-e-Abul Kalaam Azad" — at India Habitt Center, Lodhi Road New Delhi.
"Jashn-e-Abul Kalaam Azad" — at India Habitt Center, Lodhi Road New Delhi.
3/30/2013
30 मार्च 2013 को पत्रिका के साप्ताहिक परिशष्ट me.next के नियमित स्तंभ web blog में कुछ लम्हें की बातें
30 मार्च 2013 को पत्रिका के साप्ताहिक परिशष्ट me.next के नियमित स्तंभ web blog में कुछ लम्हें की बातें
2/07/2013
Beautiful Romantic urdu Poem-Main Or Tum - Hindi- Urdu Poetry (seema gupta)
"मैं और तुम"
...............
मुट्ठी भर किरणों की बारिश मै और तुम
तुमसे मिलने की एक ख्वाइश मैं और तुम
शबनम के ये कतरे फूल की पत्ती पर
आब है अश्कों का ये मेरे मैं और तुम
पानी पानी अब के भी है सारा कुछ
रोते दिल और बहती आँखें मैं और तुम
पारा पारा अब तो पूरा ज़ामा है
एक उम्मीदों का दामन है मैं और तुम
हंसते लब ये रोते दिल बस हैरानी
बहते पानी की पलकों से मैं और तुम
सीमा है बस ख़्वाब हैं पूरी दुनिया है
ताबीरों पर पहरे पैहम मैं और तुम
...............
मुट्ठी भर किरणों की बारिश मै और तुम
तुमसे मिलने की एक ख्वाइश मैं और तुम
शबनम के ये कतरे फूल की पत्ती पर
आब है अश्कों का ये मेरे मैं और तुम
पानी पानी अब के भी है सारा कुछ
रोते दिल और बहती आँखें मैं और तुम
पारा पारा अब तो पूरा ज़ामा है
एक उम्मीदों का दामन है मैं और तुम
हंसते लब ये रोते दिल बस हैरानी
बहते पानी की पलकों से मैं और तुम
सीमा है बस ख़्वाब हैं पूरी दुनिया है
ताबीरों पर पहरे पैहम मैं और तुम
12/17/2012
Hindi Urdu Shayari sad poetry on BBC aap ki pasand
Listen me on BBC AAP KI PASAND broad casted from UK on 9th Dec 2012
11/29/2012
स्मृतियों के झरोखे से : भारतीय सिनेमा के सौ साल -25 मैंने देखी पहली फिल्म
कवयित्री सीमा गुप्ता ने देखी फिल्म 'साहब बीवी और गुलाम'
स्मृतियों के झरोखे से : भारतीय सिनेमा के सौ साल -25
मैंने देखी पहली फिल्म
मैंने देखी पहली फिल्म
भारतीय सिनेमा के शताब्दी वर्ष में ‘रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ द्वारा आयोजित विशेष अनुष्ठान- ‘स्मृतियों के झरोखे से’ में आप सभी सिनेमा प्रेमियों का हार्दिक स्वागत है। गत जून मास के दूसरे गुरुवार से हमने आपके संस्मरणों पर आधारित प्रतियोगिता ‘मैंने देखी पहली फिल्म’ का आयोजन किया है। इस स्तम्भ में हमने आपके प्रतियोगी संस्मरण और रेडियो प्लेबैक इण्डिया के संचालक मण्डल के सदस्यों के गैर-प्रतियोगी संस्मरण प्रस्तुत किये हैं। आज के अंक में हम कवयित्री सीमा गुप्ता का प्रतियोगी संस्मरण प्रस्तुत कर रहे हैं। सीमा जी ने अपने बचपन में देखी, भारतीय सिनेमा के इतिहास में स्वर्णाक्षरों से अंकित फिल्म ‘साहब बीवी और गुलाम’ की चर्चा की है।
http://radioplaybackindia.blogspot.in/2012/11/sahab-biwi-aur-ghulam-first-seen-movie.html
http://radioplaybackindia.blogspot.in/2012/11/sahab-biwi-aur-ghulam-first-seen-movie.html
फिल्म देख कर औरत का दर्द महसूस हुआ जिसे मीनाकुमारी जी ने परदे पर साकार किया
11/27/2012
Hindi Urdu Shayari Ghazal ("Seema Gupta on BBC 21st oct 2012")
Seema gupta ghazals and nazm on BBC Aap ki Pasand Musical programe "with " Mr. Mohammed Mahmood"
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