10/07/2008

'खैरात'



'खैरात'


कुछ ऐसे बदल गये हैं वो हालात की तरह,
बददुआ भी देतें हैं, तो खैरात की तरह .....

37 comments:

Vivek Gupta said...

बहुत खूब

श्रीकांत पाराशर said...

Wah ji wah, gagar men sagar ?

फ़िरदौस ख़ान said...

बहुत ख़ूब...

कुन्नू सिंह said...

कविता बहुत बढीया है!!

पेज रैंक चेक करने के लीये http://www.prchecker.info/check_page_rank.php

ईस लीक से पेज रैंक चेक कीया जा सकता है।

G M Rajesh said...

bad dua ki khairaat
di to usne
kya pataa
uskaa khjaanaa
khli ho gayaa ho ye dekar

कुन्नू सिंह said...

बहुत बढीया कविता है और ईस कविता की खूबी है की ये एक लाईन का है।

मेरे पहले कमेंट मे नीचे वाला लींक जो दीया है वो गलती से ईसमे पेस्ट हो गया था।

neeshoo said...

मैं अब क्या कहूँ दो पक्तियां ही बया कर रही सब कुछ । बहुत सुन्दर

मीत said...

वाह!
बहुत उम्दा...

Anil Pusadkar said...

कम शब्दों मे बहुत बडी बात कह दी आपने।

bavaal said...

क्या बात है सीमाजी ! अहा ! ज़ोरदार शेर !

ताऊ रामपुरिया said...

कुछ ऐसे बदल गये हैं वो हालात की तरह,
बददुआ भी देतें हैं, तो खैरात की तरह ....

नमन आपको और ढेर सारी शुभकामनाएं !

ज़ाकिर हुसैन said...

बहुत खूब!

COMMON MAN said...

baddua bhi dete hain khairat ki tarah- bhai wah

भूतनाथ said...

बहुत सुंदर ! धन्यवाद !

डॉ .अनुराग said...

ye bhi ek andaaj hai....

Parul said...

waah!! kya baat hai...khuub

राज भाटिय़ा said...

आप का अंदाज ही अलग है.... दो शव्दो मे पुरी कहानी कह देती है,
बददुआ भी देतें हैं, तो खैरात की तरह ....
धन्यवाद

निरन्तर - महेंद्र मिश्रा said...

Oh kya baat hai .

मनुज मेहता said...

Kafiya aacha ban pada hai, umeed hai poori gazal padhne ko bhi milegi. meri shubkamnayen.

mamta said...

बहुत खूब !

"SURE" said...

लिखते हो हर लफ्ज़ जादुई करामात की तरह
हम दीवाने हुए जाते है दीवाने ख्यालात की तरह

Tarun said...

do line me kya jabardast baat sameti hai - Wah Wah aur Ek baar aur Wah

रंजन said...

बहुत कंजुस है आप.. :)
बड़ी-बड़ी बातों के लिये इतने कम शब्द..
बहुत खुब..

प्रदीप मानोरिया said...

सुंदर शेर बधाई हो

मेरी नई पोस्ट कांग्रेसी दोहे पढने हेतु आप मेरे ब्लॉग पर सादर आमंत्रित हैं

Udan Tashtari said...

बहुत उम्दा,बधाई.

सतीश सक्सेना said...

बरबस ही मुस्कान आगई आपको पढ़ कर !

CHINMAY said...

kam lafzon me kitna kuchh kah gaye aap......

dr. ashok priyaranjan said...

wah, wah, wah.

http//www.ashokvichar.blogspot.com

श्यामल सुमन said...

सीमा जी,

अच्छी पंक्तियाँ हैं। अपनी दो पंक्तियां इसी भाव भूमि पर आपके लिए-

मिलती है खुशबू सुमन को रोज अब खैरात में।
जो फकीरी में लुटाते अब यहाँ फिर कल वहाँ।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
www.manoramsuman.blogspot.com

नारदमुनि said...

itni tippaniyon me meri tippani kee kya okat,kalyan ho

Rakesh Kaushik said...

ji bahut hi badhiya .
jitna kam shabdo hai. utni hai sarthakta se paripuran hai.

Rakesh Kaushik

ई-हिन्दी साहित्य सभा said...

हर पल की जुदाई से तो अच्छा होता,
एक पल भी जुदा न होता
तेरी अदा को देखते रहने के लिये
हर लम्हा थम सा गया होता।
सीमा जी आप न सिर्फ सुन्दर हैं
आपके हृदय में छुपे हर शब्द
मानो कुछ बयान कर रहें हैं
शम्भु

अनूप शुक्ल said...

मजा आ गया इसे तो पढ़कर!

शाहिद समर said...

कुछ ऐसे बदल गये हैं वो हालात की तरह,

बददुआ भी देतें हैं, तो खैरात की तरह .....
bahut achchha likha hai badhai

shahid samar

Prakash singh "Arsh" said...

ek mukammal andaj aapka... aapse request hai ke aap se puri ghazal me tabdil karen... bahot hi sundar hai...

regards

mukesh said...

bahut kuhb likha ahi seema ji,

beautiful

bhoothnath said...

सबको कहाँ मिलती हैं बद- दुआओं की भी खैरातें...
कुछ लोग तो इस लायक भी नहीं होते ...
सहे चले जाते हैं उपेक्षाओं के दंश.... ये अपनपी बात किसी से नहीं कहते !!