7/21/2008

" तेरा होना "


" तेरा होना "

मुझे भाता है मेरे साथ मे तेरा होना,
सोच मे बात मे जज्बात मे तेरा होना
जिंदगी के मेरे हर साज़ मे तेरा होना,
मेरे सुर मे मेरी आवाज़ मे तेरा होना,
पल पल की बंधती हुई आस मे तेरा होना,
मेरे हर एहसास के एहसास मे तेरा होना
रूह मे रूह की हर प्यास मे तेरा होना,
जीस्त की बाकी हर एक साँस मे तेरा होना,
लगता है अब ये सफर सुख से गुजर जाएगा
जब से पाया है मैंने साथ में तेरा होना .....
.

15 comments:

छत्तीसगढिया .. Sanjeeva Tiwari said...

मेरी हर एहसास के एहसास मे तेरा होना अनुभूति का चरम .... । सुन्दर व स्तरीय भाव प्रस्तुति के लिए शुक्रिया ।

मोहन वशिष्‍ठ said...

वेरी वेल गुड बेटर बेस्‍ट

Sanjeet Tripathi said...

"मेरे हर एहसास के एहसास मे तेरा होना"।

बहुत सुंदर।

सफर ये जिंदगी का सुख से गुजर तो जाएगा
तसव्वुर मे भी उसके,
लेकिन गर जो मिले साथ उसका तो ज़िंदगी ज़िंदगी बन जाएगी।

Udan Tashtari said...

पल पल की बंधती हुई आस मे तेरा होना,
मेरी हर एहसास के एहसास मे तेरा होना,

-वाह! बहुत सुंदर.

"SURE" said...

फूल भी बहार भी रंग भी है खुशी का,
हर ज़र्रे में कायनात के हिस्सा है जिंदगी का,
मुझे गैर करे इन से मेरी हर साँस में तेरा होना ..............


कभी कभी जुबां पर ताले लग जाते है गला सूख जाता है...कुछ बोल भी नही पाते,, सिर्फ़ एहसास में एक गुदगुदी सी होती है..शायद ऊपर कही कुछ पंक्तियाँ आप की रचना को उचित सम्मान दे जाए...बाकि दिल से अनेकानेक साधुवाद

'sakhi' 'faiyaz'allahabadi said...

'मेरे एहसास के एहसास में तेरा होना'............................
सीमा जी ,
दिल की बात कहना कितना मुश्किल होता है लेकिन शाएरी उसे ज़बान दे देती है.
और शाएरी हर किसी के बस की बात नहीं. सम्वेदनशील ह्रदय. भाषा पर पकड़, अभिव्यक्ति की साधना, कल्पना की शक्ति सब कुछ जब मिल जाये और फिर सीमा के कुछ लम्हों को सीमा का कलम मिल जाए तो एहसास को भी महसूस किया जा सकता है.
और मैं क्या कहूं आप की कविता में मेरा दिल बोल रहा है, गौर से सुनिये आप को भी येही लगेगा.
..............................................वोह जिसे आपने आपकी कविता ने अपना बना लिया .......................आप का प्रशंसक शुभचिंतक .

Anonymous said...

i second sanjeev tripathi's comments:".....................zindigi zindgi ban jaayegi"

अनुराग said...

मेरे हर एहसास के एहसास मे तेरा होना,
मेरी रूह की इस प्यास मे तेरा होना
मेरी बहती हुई साँस की लय मे तेरा होना,
जिंदगी का ये सफर सुख से गुज़र जाएगा,

behad khoobsurat....ye panktiya bahut sundar hai...

विनय प्रजापति 'नज़र' said...

अच्छा काव्य, बधाईयाँ!

योगेन्द्र मौदगिल said...

पल पल की बंधती हुई आस मे तेरा होना,
मेरे हर एहसास के एहसास मे तेरा होना,
wah wah aapki anubhootiyon ka samman karta hoon

vipinkizindagi said...

जिंदगी का ये सफर सुख से गुज़र जाएगा,
साथ जो है मेरे साथ मे तेरा होना.

shandar

Anonymous said...

तेरा होना तो मेरे लिए सौभाग्य की बात है क्योंकि मेरा यहाँ कोई नहीं
nirbhik prakash

'sakhi' 'faiyaz'allahabadi said...

सीमा जी,
कितने लोग होते हैं आस पास लेकिन किसी ख़ास का होना बेहद ख़ास होता है.आप का अस्तित्वा क्या है समय की असीम धारा में ....एक पल एक लम्हा भी तो नही है..................लेकिन क्या वोह एक पल युग में नहीं बदल जाता आप का कहीं किसी जुड़ जाना जब हो जाता है......................एक नया आयाम प्रदान कर देता है किसी का साथ.....और फिर जब वह आप के सपनो का पूरक हो. आप की तलाश की मंजिल हो ..........................शायद इसी अनुभूति को व्यक्त कर रही है आप की कविता............लेकिन दिल से कही हुई बात केवल अभिव्यक्ति नहीं होती ....अपितु उसमें एक संदेश होता है..............................आपके प्यार का किसी को आवाहन है , ऐसा मैं समझता हूँ ...................एक संदेश है ..........................और यह एक कविता से कहीं ज्यादा है...............................तभी तो आपने आपकी कविता ने हमे अपना बना लिया............अपना फेन.......................शुभचिंतक

Amit Verma said...

Ho na Ho, lekin mujhe lagta he ki jasie ye lines mere liye likhi gayi he
Bahut Bahut Khoobsurat aur mere dil ko chho lene wali panktiyan he..
Tum bemisaal ho shy(ness)

Aur ye main nahi, tumhara likha har shabd, aur uss har shabd ko padhker jo tumhara Fan ban jaye, wo bayan kerta he!!!

mukesh said...

pata nhi mujhe esa kyu lagta hai apki ye rachna main pehle bhi pad chuka hu or ish par apne copmments bhi de chuka hu.

wesse bahut hi accha likha hai. badhaiya