7/12/2008

" मेरी उम्मीदों को नाकाम ना होने देना "













" मेरी उम्मीदों को नाकाम ना होने देना "


ज़िंदगी की उदास राहों में,
कोई एक राह तो ऐसी होगी,
तुम तक जो मुझे लेके चली आयेगी ...
इन बिखरते ओर सम्भालते हुए लम्हात में ,
एक कोई लम्हा भी तो ऐसा होगा,
तेरी खुशबू मुझे महका के चली जायेगी........
ये मोहब्बत के जूनून का ही असर हो शायद ,
तेरे आने की ही आहट कुछ ऐसी होगी,
मेरी साँसों की जो रफ़्तार बढ़ा जायेगी...........
मेरी पल पल की दुआओं में,
कोई एक दुआ तो होगी,
तेरे दरबार में मकबूल करी जायेगी.......
तूने जो मेरी मोहब्बत के लिये होंगे लिखे,
उन्हीं फूलों से एक बार ज़रूर,
खुशबुओं से मेरी आगोश भरी जायेगी........
मैने आवाज़ दुआओं की उठा रक्खी है,
तेरे दरबार में उम्मीद सजा रखी है,
"मेरी उम्मीदों को नाकाम ना होने देना"

8 comments:

Anonymous said...

"aasman ko choo liya hai teri ek awaaz nay
naghma wo hee bah rahaa hai tayre dil ke saaz main
hai muhabbat kee jahan garmee kuch is andaaz mein
jaise saanson ka milan aaghaz ho anjaam mein
zindagi bhar kee duaaon ka asar aaya ho tayray kaam mein".......'chakor'
Seema ji , i can only poetically express my reaction to your new kavita.Ihope the message is loud and clear.

Aap ka prashansak

Anonymous said...

this poem is very sweat and loving



op

Anonymous said...

मेरी साँसों की जो रफ़्तार बढ़ा जायेगी...........

मेरी पल पल की दुआओं में,
कोई एक दुआ तो होगी,
तेरे दरबार में मकबूल करी जायेगी.......

तूने जो मेरी मोहब्बत के लिये होंगे लिखे,
उन्हीं फूलों से एक बार ज़रूर,
खुशबुओं से मेरी आगोश भरी जायेगी........

मैने आवाज़ दुआओं की उठा रक्खी है,
तेरे दरबार में उम्मीद सजा रखी है,
"मेरी उम्मीदों को नाकाम ना होने देना"

Simply WOW
This poem is sensuous, though it is pretty sober in the words, it uses..
Now you have surpassed the limits of my praising, 'O u r commendable'

Wo ek raah jo tum tak leke chali aaye..
Wo ek lamha jisme teri khushbu mujhe mehka ke chali jaye..
Wo ek aahat teri, jo meri saanson ki raftaar badha jaye..
Wo ek duaa meri, jo maqbool ho jaye...
Wo ek phool jisse meri aagosh bhari jaye..
Ye UMMEED naqaam no hogi, Kyonki aab ham, ham nahi..... sirf ek UMMEED ban gayein hain..

(Archeav)

Anonymous said...

I never thought that a poetess with such a delicate feelings who writes over tears,pains and separation can even write on such an spiritual theme like

मैने आवाज़ दुआओं की उठा रक्खी है,
तेरे दरबार में उम्मीद सजा रखी है,
"मेरी उम्मीदों को नाकाम ना होने देना

the following lines are much attaractive



तूने जो मेरी मोहब्बत के लिये होंगे लिखे,
उन्हीं फूलों से एक बार ज़रूर,
खुशबुओं से मेरी आगोश भरी जायेगी........
.......wishing to read more from your mighty pen

"SURE"

"SURE" said...

seema ji aapki poetry me sabhi rang hai...jo jivan me hote hai.its
very near to life....aapke jivan ke rang ..padne walon ke kivan k
rang.. sabhi kuchh to hai yeha....isme

प्रेम भी है और जीवन भी है,
तनहाइयों का यहाँ गुलशन भी है
फूलों की सी महक लिए और
काँटों शूलों सी चुभन भी है
प्रियतम का एक सपना है
प्रेम का एक निवेदन भी है
सम्पूर्णता से परिपूर्ण है
विरह भी है और मिलन भी है
कहीं तपन ख्यालों में दिखती
कहीं आंखों में सावन भी है
रिसता-रिसता दर्द का रिश्ता ,
मधुर भी है और पावन भी है
भावों से भरे ह्रदय की पीड़ा
कसमकश एक उलझन भी है
आहत मन को राहत देती
विरहन भी है जोगन भी है
इंतज़ार बरसों का,वादा जन्मो जन्मों का
प्यास रूहों की बुझाने को काफी
मिलन का एक क्षण भी है
आह भरे कोई वाह करे, निर्भर है ये मिजाज़ पर
लिखने वाला एक पराया जो तुमसे "अभिन्न" भी है
अभिन्न-unseparable

Anonymous said...

Seema,
'unseprable' has written comment in beutiful poetry, there are some extraordinary observations he has made and that has surprised me;
"wada janmon janmo ka................."......................hats off to him .....also I have to appreciate his dedication to you .
I have all respect for his dedication.

"chakor"

mukesh said...

bahut umda likha hai, badhai

भूपेन्द्र राघव । Bhupendra Raghav said...

bittuuuuuuuuuuuuu.......