9/02/2008

"तेरा ख्याल"

"तेरा ख्याल"

ख्याल भी तेरा,
" आज"
मुझे रुला ना सका ,
शरारा -ऐ-रंज का दिल से
कोई सौदा हुआ शायद

(शरारा -ऐ-रंज - दुःख की चिंगारी)

22 comments:

Rakesh said...

really good one...

मीत said...

शरारा -ऐ-रंज का दिल से
कोई सौदा हुआ शायद

khoobsurat likha hai....
kam shbdon mein itni gahrai koi apse sikhe......

COMMON MAN said...

mujhe aisa lagta tha ki dard-e-dil ko bayan nahin kiya jaa sakta, lekin mera khayal galat tha

Rakesh Kaushik said...

aap ne hume apna kayal bna liya hai.
शरारा -ऐ-रंज का दिल से
कोई सौदा हुआ शायद
saari shikayte hi door kar di

manvinder bhimber said...

good thought....

'sakhi' 'faiyaz'allahabadi said...

kitna zaalim hua khayaal uska
jab bhi aaya tujhe rulaya hai
dil ka sauda hua sharaare say
shararay-e-ranj bhi kya sharaara hai

ज़ाकिर हुसैन said...

शरारा -ऐ-रंज का दिल से
कोई सौदा हुआ शायद

shandar!!!!!!!!!!!!!!

Nitish Raj said...

बहुत ही बढ़िया, अति उत्तम।।।।

vipinkizindagi said...

अच्छी पोस्ट

शोभा said...

बहुत अच्छा लिखा है।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

बहुत सुंदर!

सर भी भारी नहीं ये दिल भी आज दुखता नहीं,
बाद मुद्दत के मेरे आंसू बाँध तोड़ चले!

ताऊ रामपुरिया said...

" आज"
मैं फ़िर शब्द ढुन्ढ रहा हूँ ! आप
इतने कम शब्दों में कैसे अपने आप को
इतनी खूबसूरती से व्यक्त कर लेती हैं !
हम तो इतनी सी बात कहने के लिए भी
पन्ने के पन्ने रंग डालते हैं ! हमेशा की
तरह खुबसूरत ...! मेरे ब्लॉग पर आपका लिंक
रहा दे रहा हूँ आपको कोई ऐतराज तो नही ?

"SURE" said...

बहुत ही खूबसूरत रचना है जी , थोड़े शब्दों में बहुत गहरी और तडपती हुई बात कह दी गई है

singhsdm said...

शरारा -ऐ-रंज का दिल से
कोई सौदा हुआ शायद

waah kya baat hai

अनुराग said...

शरारा -ऐ-रंज का दिल से
कोई सौदा हुआ शायद

subhanaalah.....

राज भाटिय़ा said...

शरारा -ऐ-रंज का दिल से
कोई सौदा हुआ शायद
क्या बात हे, चार शव्दो मे सारी हकिकत व्यान कर दी आप ने.
धन्यवाद

महामंत्री-तस्लीम said...

बहुत खूब।

देखने में छोटी मगर, घाव करे गम्‍भीर।

महेंद्र मिश्रा said...

"गणपति बब्बा मोरिया अगले बरस फ़िर से आ"
श्री गणेश पर्व की हार्दिक शुभकामनाये .....

जितेन्द़ भगत said...

nice

योगेन्द्र मौदगिल said...

Wah
न्यूनतम शब्द प्रयोग....
अधिकतम अनुभूति...
आपको बधाई..SEEMA g

Advocate Rashmi saurana said...

bhut khub. jari rhe.

mukesh said...

kuch hi sabdo main itna kuch likh dena yahi ek lekhak ki pechan banati hai or aap in sab main se sabse uper ho.