11/11/2011

My Poetry Published in a leading News paper "DAILY PAKISTAN" (Pakistan) 10/11/2011

My Poetry Published in a leading News paper "DAILY PAKISTAN" (Pakistan) 10/11/2011


My Poetry Published in a leading News paper "DAILY PAKISTAN" (Pakistan)

Courtesy : Respected Nasim Shahid ji

I am highly obliged and thankful to Jnab Nasim Shahid ji to give such prestigious space to my "POETRY" in A LEADING NEWSPAPER 'DAILY PAKISTAN" ON 10/11/2011. I am over overwelmd by his kind gesture .

Special thanks to Irum Hashmi to introduec me to Nasim Shahid ji

Sarhad paar ke sabhi Dosto'n ka dil se shukriya.--



"जिन्दगी"


जीने का फकत एक बहाना
तलाश करती ये जिन्दगी,
अनचाही किसकी बातें
बेशुमार करती ये जिन्दगी...

कोई नही फ़िर किसे
कल्पना मे आकर देकर,
यहाँ वहां आहटों मे
साकार करती ये जिन्दगी...

इक लम्हा प्यार का
जीने की बेताबी बढा,
खामोशी से एक स्पर्श का
इंतजार करती ये जिन्दगी..

ना एहतियात, ना हया,
ना फ़िक्र किसी जमाने की,
बेबाकी से दर्द का
इजहार करती ये जिन्दगी...

रिश्तों के उलझे सिरों का
कोई छोर नही लेकिन,
हर बेडीयों को तोड़ने का
करार करती ये जिन्दगी...

बंजर से नयन, निर्जन ये तन,
अवसादित मन,
उफ़! इस बेहाली से हर लम्हा
तकरार करती ये जिन्दगी....

6 comments:

AMIT VERMA said...

This is amazing.
It is just wonderful to watch your achievements over the past few years..

You have been all across the border :)

I wish you very best and wish that you will be world famous very soon.

mukesh said...

very nice


itni kuhbsurat rachna padh kar aanand aa aagaa

"अर्श" said...

congratulations........ :)


arsh

दिगम्बर नासवा said...

रिश्तों के उलझे सिरों का
कोई छोर नही लेकिन,
हर बेडीयों को तोड़ने का
करार करती ये जिन्दगी...

Badhaai is lajawab nazm ke prakaashanpe ...

अली शोएब सैय्यद said...

बेबाकी से दर्द का
इजहार करती ये जिन्दगी...
सीमा जी यक़ीनन अल्फ़ाज़ नहीं हैं आपकी साफगोई के लिये...किसी शायर ने सच ही कहा है कि क़त्ल करते हैं लेकिन हाथों में तलवार नहीं है....
बेहतरीन...शुभकामनायें दिल से......

Hadi Javed said...

बंजर से नयन, निर्जन ये तन,
अवसादित मन,
उफ़! इस बेहाली से हर लम्हा
तकरार करती ये जिन्दगी....
सीमा जी आपने जिस शायरी को अपनाया है वो सीधे दिल कि गहराइयों में उतरती है ..... और आपकी यही शायरी आपको मुन्फरीद बना रही है ......मुबारकबाद