2/17/2009

"और मै ऋणी हो गयी....."


"और मै ऋणी हो गयी....."

"कल शाम को आयु ने आप सभी के स्नेह और आशीर्वाद से भरे बधाई संदेश पढे . पढ़ते वक्त पल पल उसकी उत्सुकता बढ़ती जा रही थी और वो हैरान थी की जिनको वो जानती तक नही उन्होंने इतने प्यार भरे बधाई संदेश लिखे है उसके लिए . उसकी आँखों से जैसे खुशी छलक छलक जा रही थी , हर शब्द के साथ चेहरे पे मुस्कुराहट बढती जा रहे थी और हर कमेन्ट करने वाले आदरणीय ब्लोगर के बारे मे जानने की उत्सुकता भी " मम्मा ये सब तो मुझे नही जानते ना फ़िर भी सबने मुझे विश किया इतनी प्यारी प्यारी दुआए लिखी , कितने अच्छे हैं न सब ' तब मैंने कहा ये सब ब्लॉग परिवार के सदस्य हैं मुझे जानते हैं और मैं सबको . जीवन मे इतने लोगो का एक साथ इतना प्यार आशीर्वाद उसे पहली बार मिला था , वो पल जो उसे खुशी दे रहा था मै शब्दों मे बयाँ नही कर सकती . आप सब की दुआओं भरे अल्फाज जो उसकी इतनी खुशी का कारण बने जो मैंने आयु की आँखों उसके चेहरे पर देखि मै आप सब की ऋणी हो गयी .... आज के इन चंद शब्दों का मकसद आप सभी तक अपने और आयु की तरफ से आभार प्रकट करना था .
Regards

41 comments:

विनय said...

दोबारा एक बार फिर प्यार! शुक्रिया!

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गुलाबी कोंपलें
ग़ज़लों के खिलते गुलाब

Nirmla Kapila said...

सीमजी आपके ब्लोग पर नज़र् पडते ही मन खिल उठता है इस गुलाब की तरह आपका जीवन भी महक्त रहे आशीर्वाद्

Nirmla Kapila said...

सीमजी आपके ब्लोग पर नज़र पडते ही मन खिल उठता है आपका जीवन भी इस गुलाब की तरह खिल रहे आशीर्वाद्

MANVINDER BHIMBER said...

seema ji..belated shubkaamnayein
good luck

mehek said...

aji runi to hum hai aapke jo aapne itani yari si pari se hame rubaru karaya,asha hai unka din bahut khubsurat tha,aur hamesha mehekta rahe,ye din baar baar unki zindagi mein khushiyan leke aaye.

अल्पना वर्मा said...

सीमा जी,आयु को कहना कि अब उस को भी हम सब जानते हैं..और वह एक्साम के लिए खूब मेहनत करे.
एक बार फिर से शुभकामनाएं.
'ब्लॉग परिवार यूँ ही हँसता खिलखिलाता रहे.यहाँ सब अनजान हैं मगर अपने से लगते हैं.'

प्रदीप मानोरिया said...

आपके ब्लॉग पर आना एक खुशनुमा अहसास है
भोतिक दूरियां मायने नहीं रखती ब्लोगिंग से हम सभी पास पास हैं

नीरज गोस्वामी said...

ब्लागर परिवार है ही ऐसा...बिना देखे जाने सब एक दूसरे से जुड़े हुए हैं...ये कमाल और कहाँ सम्भव है...शब्दों के रिश्ते शरीर के रिश्तों से अधिक पक्के होते हैं....
और जनम दिवस की बधाई स्वीकारने में आभार कैसा...आयुषी जैसी बिटिया हम सब को मिली इसके लिए हमें इश्वर का आभारी होना चाहिए...वो सदा यूँ ही खिलखिलाती रहे...

नीरज

mamta said...

ब्लॉग्गिंग परिवार की यही तो खासियत है कि हम सब अपनों से भी ज्यादा नजदीक है ।

अरे हाँ केक कहाँ है । :)

रंजना [रंजू भाटिया] said...

इसी तरह तो हम सब जुड़े हुए हैं ..परिवार ही लगता है यह एक

कुश said...

aap sabke blogs par comment mein jo regards likhkar aati hai.. wahi sab laut raha hai..

aayu bitiya ko ek aur baar bahut shubhkamnaye.. ishwar unki har manokaamna puri kare..

COMMON MAN said...

श्रीमान कुश ने मेरे मन की बात कह दी.

G M Rajesh said...

sorry
it was a great day to celerate with you
but un fortunately i was out
&
todat when i log on the pot i found very missing event gone

with a very sorry
congratulating birthday of khushi today with sweets & my knies

Amit said...

bahut bahut aabhaar aapka....phir se ek baar aayu bitiya ko dher saari subhkaamnaayen....

ताऊ रामपुरिया said...

आपकी पोस्ट पढकर भाव विभोर हूं. आपके परिवार के प्रति हार्दिक स्नेह व्यक्त करते हुये सुख शांती की कामना करता हुं.

रामराम.

बवाल said...

आदरणीय सीमाजी, आपको बहुत दिनों बाद इतना प्रसन्न देखकर हम सब ब्लागर्स को कितनी खुशी हो रही है इसका आप अन्दाज़ नहीं लगा सकतीं। कुश जी, नीरज जी और ताऊ जी एकदम सही कह रहें। ये आपका हम सबके प्रति रिगार्ड्स वाला अपनापन ही आपकी और हमारी प्यारी बिटिया आयु के प्रति स्नेहाशीर्वाद बनकर लौट रहा है।

रंजन said...

"सब ब्लॉग परिवार के सदस्य हैं..." सही है सीमा जी.. ऐसा ही लगता है..

वैसे जब परिवार ही है तो ऋण कैसा..:)

डॉ .अनुराग said...

कुछ मीठा हो जाये इस बात पे ....

Udan Tashtari said...

केक खिलाने के लिए तो ऋणी हो ही गईं. :)

Rahul kundra said...

कुछ ब्लॉग पड़ने में सुंदर होते है कुछ देखने में पर आपका ब्लॉग हर तरह से सुंदर है।

महामंत्री - तस्लीम said...

आयु के लिए ढेर सारा प्यार।

चण्डीदत्त शुक्ल said...

बहुत अच्छा लिखा आपने...बधाई...मेरे चौराहे पर आने के लिए भी शुक्रिया...

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

ये एक परिवार ही तो है,जिसमें सभी एक दूसरे से अन्जान होकर भी शब्दों और भावों के जरिए बंधे हुए हैं.
बिटिया को पुन: स्नेहाशीष.........

योगेन्द्र मौदगिल said...

आयुषी को ढेर सारा प्यार..
परीक्षा की शुभकामनाएं...
और सीमा जी,
इतनी प्यारी बिटिया के लिये ढेर सारी बधाई...

अमिताभ श्रीवास्तव said...

parivaar saath rahe,sanyukt rahe..to jeevan khil uthta he..
is zamane me ab knha esa sambhav ho pata he..blog ne ham sab ko ek saath khada kar diya..ye utni badi baat nahi he balki aapne itne saaro ko saath me lekar safar kiya..ye he judne ki taaqat..aapka pyaar aor aapke aashirvaad..
me to yahi chahta hu..aashirvaad mujhe bhi aapke milte rahe..
aayushi ke liye ham sab khade he..duao ke saath..pyaar ke saath..use kisi prakaar ki koi rukaavat naa aaye..itne samarth to ham shayad ban gaye he..
kher..achcha laga jo aapne pratiuttar diya..ye aapka badappan he.

Arvind Mishra said...

फिर फिर स्नेहाशीष !

राज भाटिय़ा said...

सीमा जी कोई बात नही हम जल्द ही इस ऋण को चुकता कर लेगे, एक पार्टी ले कर ...:)
सीमा जी मै जानता हुं, मेरे बच्चो को भी बहुत से लोगो ने विश किया तो उन के चेहरे पर भी यही खुशी थी शायद, ओर यह खुशी बच्चो के लिये बहुत बडी है, ओर बच्चो की खुशी हमारे लिये बहुत बडी है.
धन्यवाद

मुंहफट said...

ब्लागर परिवार है ही ऐसा...बिना देखे जाने सब एक दूसरे से जुड़े हुए हैं...नीरज जी ने सही कहा. यह बधाई भी आपकी.

मीत said...

i prey to god that ayushi is the most happiest girl in the whole world....
meet

सैयद said...

आयुषी को ढेर सारा प्यार..और
परीक्षा की शुभकामनाएं

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) said...

आयु का डेब्यू कब हो रहा है जी ब्लॉग लेखन में.. :)

Mrs. Asha Joglekar said...

आयुषी को बहुत प्यार और शुभ कामनाएँ ।

Prem Farrukhabadi said...

aayushi, wish you a very very happy life. you are very lucky to have beloved mother like Seema ji.aage chalkar unko dukhi n karna.

Anil Pusadkar said...

आयु को एक बार फ़िर ढेर सारी शुभकामनाएँ ।

अनुपम अग्रवाल said...

बच्ची को ढेर सारी बधाइयाँ

"SURE" said...

जन्मदिन की असंख्य शुभकामनाओं के साथ परीक्षा के लिए भी दिली आशीर्वाद आयु के लिए और आप जैसी स्नेहिल माँ को ढेरों बधाइयाँ.....देर बहुत देर से आने के लिए क्षमा प्राथी हूँ,पर आपको गुस्सा करने की भी कोई जरुरत नही ...एक अंकल की मज़बूरी और अनभिज्ञता के लिए आयु अवस्य ही माफ़ कर देगी ....
पुन: जन्मदिन की बधाइयाँ .......उन्ह ........कोई कविता तो मन में उभर नही रही एक शेर जरुर पड़ना चाहूँगा ..
तुम्हे और क्या दूँ मै दिल के सिवा ,के तुम को हमारी उम्र लग जाए .......

दिलीप कवठेकर said...

सीमाजी, मैं रह गया था जन्मदिन की बधाईयां देने के लिये. बिटिया आयु ने आप जैसा निर्मल मन पाया है, उसकी मुस्कान देख कर प्रतीत हो रहा है.

वसुधैव कुटुम्बकम....

गौतम राजरिशी said...

आज बड़े दिनों बाद आया हूँ आपके ब्लौग पर। इसमें गलती मेरी ही रही है। दरअसल मैं जानता था कि आपका ब्लौग "सीमादानी की कलम..." है,और आपका वो ब्लौग बड़ी समस्यायें करता था मेरे इस अदने से कम्प्यूटर पर खुलने में {शायद अपने हैवी ग्राफिक्स} की वजह से। आपके इस ब्लौग के बारे में आज ही जाना। और बड़ी देर से पढ़ता रहा हूँ।
सच कहा आपने और आयु बिटिया {बड़ा प्यारा नाम चुना है} के बहाने कि इस ब्लौग के जरिये कितना बड़ा कुटुंब हो गया है हम सब का।
आयु को विलंब से ही सही-जन्म-दिन की हार्दिक बधाईयां।

bhoothnath(नहीं भाई राजीव थेपडा) said...

देर से आया हूँ आयुषी मैं तेरे दर पर
आया नहीं मगर मैं कई दिन इधर पर...!!
तू भी मुझको याद आती ही रही थी सच
प्यार हैं मुझमे तुझ खातिर सच्ची पर...
तू बेशक मुझसे नाराज़ हो सकती है आयु
तू देख ना हवाएं कर रही है सर्र सर्र पर !!
जन्मदिन की खुशियाँ मुबारक हो तुझको
देर से सही तेरी खातिर आया हूँ सच पर !!
हुई जो बारह की तू इस बरस के इस मास
बजा देना तू इस समय का "बारह" का पर !!
तमन्ना जो भी हो तेरी वो हो जाए सारी पूरी
तेरी खातिर दुआ करता "गाफिल" घर पर

मोहन वशिष्‍ठ said...

मैं तो शायद माफी भी नहीं मांग सकता

बाकी

belated shubkaamnayein
good luck
बेस्‍ट आफ लक

जन्‍मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं आयुषी को

अली शोएब सैय्यद said...

मतलब परस्तों की इस दुनिया में आज कोई जो सबसे ज़ियादा ख़ुशनसीब है तो वो है किसी बेटी का माँ या बाप कहलाना....और बेटी भी आप जैसी विविध गुणों से लबरेज़ महिला की हो तो इसे सिर्फ सोने पर सुहागा ही कहा जा सकता है.....निश्चित तौर पर आयुषी आपके दिखाये गये रास्तों पर चल कर आपसे एक क़दम आगे बढ़ने की दिशा का मार्ग प्रशस्त करेगी...अनहद शुभकामनाये